Saturday, November 4, 2023

जिन स्मरण

• णमोकार मन्त्र 

https://youtu.be/fUntR5T4bJQ?feature=shared


• भक्तामर स्तोत्रम्

https://youtu.be/UPF4YwJKFIQ?si=9tlAC0T3fTx7H7uy


• गणधर वलय स्तोत्रम्

https://youtu.be/mgZiTnPrOH4?si=-l3zx2quXgzjycpH


• सरस्वती स्तोत्रम

https://youtu.be/k7aF7Hak-h4?si=X3OjbQAkkV9ltYfS


• सरस्वती नाम स्तोत्रम

https://youtu.be/OiuuxEwO0yY?si=a0TTbLRybQbW0wqP


• मंगल पंचकम

https://youtu.be/FqwiuDSkDEA?si=YTi1l1rNYeaSzOEG


• संकट मोचन विनती

https://youtu.be/FViOFwpYxn8?si=kM0iqoZJ9xfzMBBu


• दुःख हरण विनती

https://youtu.be/4xgXBLB6qbs?si=PfD0huyhvV2j1mZf


• पार्श्वनाथाष्टक स्तोत्रम

https://youtu.be/fmyhaFKEbPA?si=hKpSvmyAgViH2Uea


• आत्म भावनाष्टक

https://youtu.be/1VLBSjLw-6c?si=i7xu5Kw9VKgdayEA


• दर्शन पाठ

https://youtu.be/tYl2a2FDkrQ?si=RWnoWURu28M6MWDo


• दृष्टाष्टक स्तोत्र

https://youtu.be/uuGP0FlFDgg?si=y9fPbOaQEDZlpe2G

॥ नित्य श्री जानेश्वरी ॥

॥ नित्य श्री

 ज्ञानेश्वरी ॥ अध्याय १ | ओवी क्रमांक ११०


हे अप्रतिमल्ल जगीं । पुरता प्रतापु अंगीं । परी सर्व प्राणें मजचि लागी । आरायिले असती ॥११०॥


जगात ज्यांच्या तोडीचा दुसरा योध्दा नाही, ज्यांच्या अंगात पुरेपूर बळ आहे, असे हे सर्व वीर असूनही जीवाभावाने मलाच अनुसरले आहेत. ११०

अध्याय १ | ओवी क्रमांक ७९


जातें कामधेनु माये । तयासी अप्राप्य कांहीं आहे । म्हणौनि मी प्रवतों लाहें । ग्रंथीं इये ॥७९॥


ज्याची आई कामधेनू आहे; त्याला जगात दुर्मिळ असे काय आहे? त्याप्रमाणे श्रीगुरू आणि संत यांचा मला आधार आहे, म्हणून मी या गीता ग्रंथाकडे प्रवृत्त झालो आहे. ७९.

॥ नित्य श्री ज्ञानेश्वरी ॥


• अध्याय १ | ओवी क्रमांक ३३


म्हणौनि हा काव्यांरावो। ग्रंथ गुरुवतीचा ठावो। एथूनि रसां झाला आवो | रसाळपणाचा ॥ ३३॥


म्हणूनच हा महाभारत ग्रंथ, काव्यांचा राजा असून इतर ग्रंथांच्या मोठेपणाला उगम झाला. आहे, आणि शृंगारादि रसांना रसाळपणाचा डौल देखील या महाभारतापासूनच प्राप्त झाला आहे. 22.

पार्टी नकोय मित्रा तुझी

 पार्टी नकोय मित्रा तुझी 

येवून फक्त भेटत जा,

काय चाललंय मनात तुझ्या 

भेटून फक्त बोलत जा, 

🙏🙏

मोकळं सोड स्वतःला जरा 

कधीतरी मोकळं होत जा, 

हलकं वाटेल तुझंच तुला 

मन रिकामं करत जा, 

🙏🙏

जुन्या आठवणी गप्पागोष्टी 

आमच्यात सुद्धा रमत जा, 

आलेच कधी वाईट विचार 

बिनधास्त फोन करत जा, 

🙏🙏

काय आहे आयुष्य अजून 

निदान मनातले वाटत जा, 

पहा किती फरक पडतो 

आनंद तेव्हढा लुटत जा, 

🙏🙏

पन्नाशीला आलोय आपण 

संपर्कात तेव्हडं रहात जा, 

काय हवं काय नको तुला 

कुणाला तरी सांगत जा, 

🙏🙏

मित्र असतात कशासाठी 

मैत्री तेव्हढीच जपत जा, 

आम्ही फक्त मस्त जगतो 

तसाच मस्त जगत जा, 

🙏🙏

पैसा नाही लागत त्याला 

मनातले मात्र सांगत जा, 

पार्टी नकोय मित्रा तुझी 

येवून फक्त भेटत जा,

तुर्की के इन खंडहरों में हनुमानजी की मूर्ति भी मिली है

 तुर्की के इन खंडहरों में हनुमानजी की मूर्ति भी मिली है 

यह तुर्की की 12,000 वर्ष पुरानी सभ्यता के खंडहर बताए जा रहे है , जिसका नाश आज के कोई 5500-6000 वर्ष पूर्व हो गया था Göbeklitepe के उन खंडहरों में हिन्दू देवी देवताओं ( हनुमान, नृसिंहः ) आदि की मूर्तियां भी मिली है, जो इस बात का प्रमाण है, की सनातन धर्म के अलावा अन्य दूसरा सत्य है ही नही, अन्य सभी पंथ है,भरम हैआप खुद भी गूगल कर सकते है..



 हिंदवी स्वराज्य सेनेतील मावळ्यांचे वंशज सेनापती हंबीरराव मोहिते यांचे वंशज श्री जयाजीराव मोहिते यांनी आज 311 गडकोट बांधलेले 360 पेक्षा जास्त किल्यांची डागजुगी केलेले सर्वात महत्वाचे सेवेशी तत्पर हिरोजी इंदुलकर रायगड ज्यांनी बांधला ते हिरोजी इंदुलकर यांचे वंशज व डुबल इनामदार सरकार यांची सूर्यस्थानला भेट दिली व आवडीने मिसळ खाल्ली “कोई भी संबंध स्वयं की इच्छा से नहीं जुड़ता, आपको कब, कहाँ और किससे मिलना है,ये केवल ईश्वर तय करते हैं”



G20 से एक अविश्वसनीय उपलब्धि


शक्तिशाली देश अपने रास्ते जैसे तैसे बना लेंगे और कमजोर देश गृहयुद्ध में उलझे रहेंगे।


प्राचीन काल मे सिर्फ भारत और चीन निर्यात के सम्राट थे। दोनों देश यूरोप को अपना सामान बेचते थे, भारत इसके लिये अपना सिल्क रुट प्रयोग करता था। राजस्थान से ऊँट पर सामान लाहौर पेशावर और कांधार होते हुए मध्य एशिया में प्रवेश करता था और वहाँ से यूरोप। चीन सीधे उज्बेकिस्तान से सामान भेजता था।


लेकिन अब समीकरण बदल गए है, बीच मे पाकिस्तान आ गया है जिसने हमारा सिल्क रुट रोक दिया है। चीन भी मध्य एशिया में दुश्मनी निभाये बैठा है। ऐसे में दोनों देशों ने अलग अलग रास्ते बना लिए।


चीन ने बेल्ट एंड रोड अभियान चलाया, उद्देश्य तो दूसरे देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का था लेकिन चीन कर्ज के जाल में फसाने लग गया। एक बार को तो चीन ने इटली को इसमे शामिल करके नाटो देशों की नींद उड़ा दी थी। लेकिन जब से जॉर्जिया मेलोनी सत्ता में आयी उन्होंने इस BRI प्रोजेक्ट को लगभग बाहर कर दिया है।


चीन इसी वजह से धरा रह गया, दूसरी ओर भारत ने पहले पाकिस्तान से बात की जो कि निःसन्देह बननी ही नही थी। फिर भारत ने ईरान को अप्रोच किया लेकिन ईरान पर प्रतिबंध इतने लगे है कि जिसकी हद नही।


लेकिन दिल्ली डिक्लेरेशन ने भारत की किस्मत हमेशा के लिये बदल दी। भारत को अब पुराने सिल्क रूट की जरूरत ही नही पड़ी। भारत मिडिल ईस्ट कॉरिडोर 5 साल में बन जायेगा। उद्देश्य है कि गुजरात या मुंबई से पहले सारा समान जहाजो में भरकर दुबई जाएगा वहाँ से ट्रेन कनेक्शन होगा और ये सऊदी अरब, जॉर्डन तथा इजरायल पहुँचेगा।


इजरायल में अडानी जी का बंदरगाह पहले ही है वहाँ से यह सामान ग्रीस और इटली पहुँच जाएगा। यदि पाकिस्तान सिल्क रुट बना लेने देता तो भारत का भारी नुकसान होता क्योकि उसमें 1 दर्जन से ज्यादा देशों पर निर्भरता बढ़ती समय भी लगता।


लेकिन अरब के द्वार जिस तरह से खुले है वो अभूतपूर्व है, पाकिस्तान के पास कमाई का बहुत अच्छा साधन होता लेकिन अपने अहंकार में वो अब कही का नही बचा क्योकि भारत के अलावा और कोई देश नही है जिसे निर्यात के लिये पाकिस्तान की आवश्यकता हो। बीच मे होकर भी अकेला होना इसे कहते है।


इसमे और भी देशों का नुकसान हुआ है तुर्की की जरूरत 60% समाप्त हो गयी है। मिस्र को भी नुकसान हुआ है क्योकि उसकी स्विस कनाल ना के बराबर प्रयोग होगी। हालांकि मिस्र को भारत ने आश्वासन दिया है कि मध्य अफ्रीका में निर्यात के लिये उसकी धरती भी हम प्रयोग में लेंगे।


लेकिन सबसे बड़ा कष्ट चीन को पहुँचा है उसके पास एक ही तरीका बचा है कि वो भारत से संबंध सुधारे और एक चीन भारत कॉरिडोर की सोचे लेकिन ये आज के समय मे तो बस ख्याली पुलाव है। 


2013 में एक समय था जब महान अर्थशास्त्री सोच रहे थे कि बिना चीन के तो हम यूरोप से जुड़ नही पाएंगे। 2023 में एक समय है जब चायवाले ने भारत को सीधे अरब और यूरोप से जोड़ दिया तथा चीन को साइड में बैठा दिया।


एक वोट की ताकत यही होती है, 2024 में सिर्फ भारत को देखकर वोट मत कीजिये। यह वोट अरब और यूरोपीय देशों को देखकर भी कीजिये जहाँ के लाखों लोगों की आशाएं इस एक कॉरिडोर पर टिकी है।


अंत मे फिर वही की भारत, सऊदी और इटली जैसे ताकतवर देश तो अपना रास्ता बना लेते है लेकिन चीन और पाकिस्तान जैसे कमजोर देश घमंड की आग में जलकर पूरी दुनिया से कट जाते है।


जय हिंद जय हिन्दुराष्ट्रम

मनुस्मृति

भगवान राम के समय भी मनुस्मृति थी। तो भगवान राम ने भीलनी के जूठे बैर, निषाद राज के साथ मित्रता और अपने राज तिलक पर मुख्य अतिथि निषाद राज को बनाया। और केवट को भी अपने बराबर का दर्जा दिया। भील समुदाय से भीलनी और निषाद समुदाय से निषादराज और मल्लाह समुदाय से केवट आजकल सारे दलित कहलाने लगे हैं। 


तो यह कैसे संभव था? और अगर ब्राह्मणवाद हावी था। तो राम क्षत्रिय थे, फिर ब्राह्मण राम की पूजा क्यों करते हैं और रावण का पुतला क्यों जलाते हैं? अगर सती प्रथा अनिवार्य थी मनुस्मृति में तो राम के समय भी थी तो दशरथ की तीन पत्नियां सती क्यों नहीं हुई? राजा शांतनु की पत्नी सत्यवती क्यों सती नहीं हुई। चित्र वीर्य विचित्र वीर्य की पत्नियों अंबिका और अंबालिका क्यों सती नहीं हुई? कंस, जरासंध, शिशुपाल की पत्नियाँ क्यों सती नहीं हुई। लाखों योद्धा महाभारत के युद्ध में मारे गए उनकी पत्नियां क्यों सती नहीं हुई। चंद्रगुप्त मौर्य बिंदुसार गुप्त मौर्य सम्राट अशोक गुप्त मौर्य एवं हर्षवर्धन इत्यादि की पत्नियाँ सती क्यों नहीं हुई? 


क्या कारण था कि मुगलों के आने के बाद सती प्रथा शुरू हुई। कारण सीधा था हमारी जिस प्रकार आज आपस में एक दूसरे से नफरत और फूट है। इस प्रकार एक क्षत्रिय की दूसरे पर क्षत्रिय से एक राजा की दूसरे राजा से आपस में फूट के कारण जब मुग़ल हमला करते थे जो समूह में अरब इस्लामी देशों से आए थे और राजा को मार दिया जाता था और राजा के राज्य पर कब्जा कर लिया जाता था। 

तो उनकी राजकुमारी और रानियों को यौन दासियों के रूप में प्रयोग करना शुरू कर दिया जाता था और अपना ही समाज जो दूसरे राज्य में राजा होता था। वह तालियां बजाता था उसे राजा के हारने पर और उन रानियों और राजकुमारी को यौन दासियों के रूप में प्रयोग होने पर। तब उन राजकुमारियां एवं रानियों ने मुगलों के अत्याचार से भयभीत होकर आत्मदाह करना या सती होना या जिसको जौहर कहते हैं वह करना शुरू कर दिया। 


-मतलब तुर्क और मुगलों के यौन उत्पीड़न के भय से ग्रसित होकर आत्मदाह की प्रक्रिया शुरू हुई उसको सती प्रथा कह दिया बाद में जब देखा गया कि अब मुगलों का भय समाप्त है। तो फिर राजा राममोहन राय को बंगाल के संन्यासियों ने समर्थन दिया और उस प्रथा को बंद करवा दिया। उस प्रथा का तो आज भी पता चलता है कि हिंदू एक शादी करता है और अरब में आज भी लोगों को यौन दासियों के रूप में वहु विवाह व्यवस्था रखी गई है संविधान के अनुसार भी। 


जय श्री राम हर हर महादेव 

जिन स्मरण

• णमोकार मन्त्र  https://youtu.be/fUntR5T4bJQ?feature=shared • भक्तामर स्तोत्रम् https://youtu.be/UPF4YwJKFIQ?si=9tlAC0T3fTx7H7uy • गणधर वलय...