Monday, August 28, 2023

भारत Jotish





 भारत के जो कम पढ़े लिखे कर्मकांडी ब्राह्मण होंगे उन्हें भी यह ज्ञात होगा कि चंद्रमा पर जल है।

अमेरिका से लेकर भारत तक आज अंधाधुंध रुपया फूंक रहे हैं यह पता लगाने के लिए कि...चंद्रमा पर जीवन है? जल है? और क्या है?

मंगल पर क्या है?

गांव में घर घर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनाने वाले ब्राह्मण भाई नवग्रह की स्थापना करते हैं, उन्हें भी खूब अच्छी तरह पता है कि किस ग्रह के पास क्या क्या चीज है।

कौन सा ग्रह किस रंग का है।

कौन सा ग्रह अंतरिक्ष के किस हिस्से में है।

कौन से ग्रह का आकार कैसा है।

यह सब कर्मकांडी ब्राह्मणों को आदिकाल से ज्ञात है।

और इस ज्ञान का स्रोत हमारे वेद हैं।

आइए.. चंद्रमा को देखते है,

चंद्रमा के अधिदेवता हैं भगवती उमा,, उन्हें आदिशक्ति कहें, आद्या कहें या लक्ष्मी कहें।

चंद्रमा के प्रत्यधि देवता हैं जल। अर्थात चंद्रमा के दाहिने भगवती हैं, और बाएं जल है।

चंद्रमा की उत्पत्ति जल से है,

भगवती लक्ष्मी की उत्पत्ति जल से है,

इसलिए चंद्रमा पर जल है, लक्ष्मी हैं, शीतलता है, जीवन है।


और एक बात... ब्राह्मणों का यदि कोई राजा है तो वह सोम ही है। ( सोमोSस्माकं ब्राह्मणानां राजा)


इति सिद्धम् 

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